उत्तर प्रदेश के 5 हजार से ज्यादा गांवों में घर-घर पहुंचा नल का पानी

घर घर जलापूर्ति अभियान में उन जिलों पर खास जोर दिया जा रहा है जहां पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को बहुत मशक्कत करनी पड़ रही थी। इन गांवों में प्राथमिकता के आधार पर राज्य सरकार ने पानी की सप्लाई शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश के 5 हजार से ज्यादा गांवों में घर-घर पहुंचा नल का पानी

प्रदेश के गांवों में घर घर नल का पानी पहुंचाने का काम गांवों में तेजी से चल है। प्रदेश सरकार के दावों की मानें तो करीब 11 लाख से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को अब पीने का पानी दूर से नहीं लाना होगा। पीने का शुद्ध पानी उन्हें उनके घरों में ही मिलना शुरू हो गया है । नमामि गंगे, ग्रामीण पेयजल आपूर्ति विभाग ने राज्य के 5 हजार से ज्यादा गांवों के 1089844 घरों में जलापूर्ति शुरू कर दी है। इन घरों में पानी के कनेक्शन कर दिए गए हैं। फिलहाल प्रदेश के 5 हजार गांवों में नल के जरिये पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके साथ ही जल जीवन मिशन के तहत विभाग दिसंबर से बुंदेलखंड और विंध्य के हजारों गांवों को जलापूर्ति से जोड़ने की योजना को अंतिम रूप देने में जुटा है। ग्रामीण पेयजल आपूर्ति विभाग प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पाइप के जरिये शुद्ध पेयजल सप्लाई की योजना को अंजाम दिया जा रहा है। पिछली सरकारों में अधूरी छोड़ दी गई योजनाओं को भी फिर से शुरू किया गया है। राज्य सरकार ने 1906 योजनाओं के जरिये 65 जिलों के इन गांवों में जलापूर्ति शुरू की है। 2017 से शुरू हुई इन योजनाओं के जरिये कुल 1089844 घरों तक पानी की सप्लाई की जा रही है।

घर घर जलापूर्ति अभियान में उन जिलों पर खास जोर दिया जा रहा है जहां पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को बहुत मशक्कत करनी पड़ रही थी। इन गांवों में प्राथमिकता के आधार पर राज्य सरकार ने पानी की सप्लाई शुरू कर दी है। ऐसे इलाके भी सरकार की प्राथमिकता में हैं जहां दूषित पानी पीने के कारण लोग बीमार हो रहे थे। मुजफ्फरनगर में 92358, कुशीनगर में 78657 , कन्नौज में 14553, गोरखपुर में 45363, देवरिया में 32865 और राज्य सरकार ने उन योजनाओं को भी दुरुस्त कर पानी की सप्लाई शुरू की है जो पिछली सरकारों में अधूरी रह गई थी। 2017 के पहले पूरी होने के बावजूद कई योजनाओं से जलापूर्ति शुरू नहीं की जा रही थी। इन योजनाओं को दुरुस्त करने के बाद ग्रामीण पेयजल आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने गांवों में पानी की सप्लाई शुरू कर दी है। पेयजल योजनाओं पर राज्य सरकार ने वर्ष 2017-18 में 1033. 11 करोड़, वर्ष 2018-19 में 1192.54 करोड और वर्ष 2019-20 में 1058.00 करोड़ रुपये खर्च किए।

प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव कहते हैं सरकार का लक्ष्य ग्रामीण इलाकों में घर घर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना है। हम उस पर तेजी से काम कर रहे हैं। गांवों को जलापूर्ति से जोड़ा जा रहा है। नई योजनाओं के साथ ही पुरानी योजनाओं को भी दुरुस्त कर घर घर पानी सप्लाई की जा रही है। अगले कुछ दिनों में जल जीवन मिशन के तहत हम बुंदेलखंड और विंध्य के गांवों को वाटर सप्लाई से जोड़ने जा रहे हैं। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं।

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