मिशन शक्ति के अन्तर्गत 'मूर्ति एवं चित्रकला में मातृशक्तियाँ' विषयक अस्थाई प्रदर्शनी का किया गया आयोजन

राज्य संग्रहालय, लखनऊ द्वारा वार्षिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अन्तर्गत आज दिनांक 13 अक्टूबर, 2021 को शारदीय नवरात्रि की शुभ तिथियों में ''मिशन शक्ति'' के अन्तर्गत ''मूर्ति एवं चित्रकला में मातृशक्तियाँ'' विषयक अस्थाई प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
मिशन शक्ति के अन्तर्गत 'मूर्ति एवं चित्रकला में मातृशक्तियाँ' विषयक अस्थाई प्रदर्शनी का किया गया आयोजन

राज्य संग्रहालय, लखनऊ द्वारा वार्षिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अन्तर्गत आज दिनांक 13 अक्टूबर, 2021 को शारदीय नवरात्रि की शुभ तिथियों में ''मिशन शक्ति'' के अन्तर्गत ''मूर्ति एवं चित्रकला में मातृशक्तियाँ'' विषयक अस्थाई प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।

प्रदशर्नी में संग्रहालय में संग्रहीत मूर्ति एवं चित्रकला में निरूपित मातृशक्तियों के विविध स्वरूपों यथा-चामुंडा, वैष्णवी, सप्तमातृका, वाराही, सरस्वती, सर्वमंगला माहेश्वरी, गजलक्ष्मी आदि स्वरूपों के साथ-साथ चित्रों के रूप में राधा-कृष्ण, महिषासुर मर्दिनी, राधा के पैर से कांटा निकालते कृष्ण, बिहारी सत्सई, बिलावल रागिनी, यशोदा के साथ कृष्ण आदि को दर्शाया गया है।

प्रदर्शनी का उद्घाटन माननीय महापौर, नगर निगम, लखनऊ श्रीमती संयुक्ता भाटिया जी द्वारा किया गया। प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात् उन्होंने अपने सम्बोधन में कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण हेतु मिशन शक्ति की शुरूआत पिछले वर्ष अक्टूबर से की गयी।

अभियान के पहले चरण में महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के सम्बन्ध में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये गए। वहीं दूसरे चरण में अभियान को ऑपरेशन के रूप में संचालित किया है। इस तरह पूरे मिशन को चरणों में बांटकर सरकार ने काम किया है। प्रदेश सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं स्वावलंबन हेतु दृढ़ संकलित है।

इस अवसर पर संग्रहालय के निदेशक डॉ0 आनन्द कुमार सिंह ने कहा कि मिशन शक्ति के अन्तर्गत प्रदेश के सभी संग्रहालयों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं के सम्मान, सुरक्षा एवं स्वावलंबन हेतु जागरूकता उत्पन्न करने तथा उन्हें उनके अधिकारियों से परिचित कराने हेतु वर्ष पर्यन्त कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

भारत में संस्कृति के आरम्भ से ही महिलाओं को अत्यन्त गरिमामय स्थान प्राप्त रहा है। भारतीय कला के विविध आयाम भी इसकी पुष्टि करते हैं। कला में इन्हें देवियों एवं मातृशक्तियों के रूप में दर्शाया गया है। प्रस्तुत प्रदर्शनी में भी मूर्ति एवं चित्रकला में निरूपित देवी एवं मातृशक्ति प्रतिमाओं को प्रदर्शित किया गया है।

उक्त अवसर पर सुश्री अल शाज़ फात्मी, सुश्री रेनू द्विवेदी, डॉ0 मीनाक्षी खेमका, सुश्री शशिकला राय, सुश्री शालिनी श्रीवास्तव, श्री अजय यादव, श्री अखिलेश, श्री आशुतोष श्रीवास्तव, श्री विनय कुमार सिंह एवं श्रवण कुमार आदि उपस्थित रहे।

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