16 घंटे में तय हुई 900 KM की दूरी, भारी सुरक्षा के बीच मुख्तार अंसारी को लेकर बांदा जेल पहुंची यूपी पुलिस

16 घंटे में तय हुई 900 KM की दूरी, भारी सुरक्षा के बीच मुख्तार अंसारी को लेकर बांदा जेल पहुंची यूपी पुलिस

यहां मुख्तार को 15 नंबर की बैरक में रखा जाएगा। सीओ सदर सत्यप्रकाश ने बताया कि हमे अंसारी को बांदा जेल लाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हम बसपा विधायक को एंबुलेंस में लेकर आज तड़के आए हैं।

माफिया डॉन और बसपा विधायक मुख्तार अंसारी आखिरकार बुधवार सुबह करीब साढ़े 4 बजे बांदा जेल पहुंच गया है। डॉन को बांदा तक लाने की इस 16 घंटे की लंबी यात्रा के लिए पुलिस ने सुरक्षा के तगड़े इंतजाम किए थे।

डॉन की एंबूलेंस और पुलिस अधिकारियों को लेकर 3 वाहन बुधवार तड़के जेल परिसर में दाखिल हुए। इस दौरान काफिले के पीछे चल रहे मीडिया समूहों के वाहनों को जेल से कुछ दूरी पर रोक दिया गया था।

डॉन के बांदा पहुंचने के साथ ही उसे पंजाब के रोपड़ से यहां तक लाने का हाई वोल्टेज ड्रामा भी अब खत्म हो गया है, जिसकी शिफ्टिंग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस लंबे समय से जुटी हुई थी।

बांदा जेल में लाने के तुरंत बाद 4 डॉक्टरों की एक टीम ने अंसारी की जांच की और फिर उसे बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बांदा जेल ने 4 डॉक्टरों के इस पैनल को एक कॉल पर उपलब्ध रहने के लिए भी कहा गया है।

इससे पहले पंजाब से डॉन लाने वाले काफिले को मंगलवार की शाम को जेवर में ईंधन भरने के लिए और फिर आगरा में ड्राइवरों को बदलने के लिए कुछ समय के लिए रोका गया था।

वहीं अंसारी की शिफ्टिंग की मॉनीटरिंग को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ देर रात बैठक भी की थी।

वैसे भी अंसारी के उत्तर प्रदेश की जेल में पहुंचने को योगी आदित्यनाथ सरकार के लिए एक बड़ी जीत के रूप में देखा जा रहा है। क्योंकि सरकार ने मई 2020 में अंसारी और उसके गिरोह के खिलाफ कार्रवाई शुरू करते 'मिशन मुख्तार' शुरू कर दिया था।

उप्र पुलिस के अनुसार, अंसारी पर राज्य में और बाहर की जगहों पर 52 मामले दर्ज हैं, जिनमें से 15 मामले तो कोर्ट में चल रहे हैं। सरकार के इस मिशन के तहत पुलिस ने अब तक बसपा विधायक और उसके सहयोगियों की 192 करोड़ रुपये की संपत्ति को या तो जब्त कर लिया है, मुक्त करा दिया है या ध्वस्त कर दिया है।

साथ ही 96 अपराधियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। अंसारी और उसके सहयोगियों के 70 हथियार लाइसेंस भी निलंबित किए जा चुके हैं।

बता दें कि 2005 में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले में अंसारी खुद मुख्य आरोपी है। उसकी शिफ्टिंग को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि कई गंभीर अपराधों का सामना कर रहे अंसारी को पंजाब सरकार उत्तर प्रदेश को न सौंपकर उसकी रक्षा कर रही है।

इसके बाद इस मामले ने खासा तूल पकड़ा था और कोर्ट के निर्देशों के बाद आखिरकार अंसारी को उत्तर प्रदेश पुलिस को सौंपा गया।

नाम न छापने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "मुख्तार अंसारी के लिए रोपड़ जेल भले ही एक सुधार गृह हो सकती है लेकिन बांदा जेल उसके लिए सही अर्थों में जेल ही होगी। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उसे यहां कोई अतिरिक्त सुविधा नहीं मिले।"

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