योगी आदित्यनाथ ने दिये ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सायं 6 बजे से प्रातः 7 बजे तक निरन्तर विद्युत आपूर्ति के निर्देश

जहाँ एक तरफ पूरे देश में कोयले की कमी के कारण बिजली की आपूर्ति में बढ़ा के आसार नज़र आ रहे हैं वहीँ हालात के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश में विद्युत् प्रणाली की समीक्षा के लिए में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने एक समीक्षा बैठक की।
योगी आदित्यनाथ ने दिये ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सायं 6 बजे से प्रातः 7 बजे तक निरन्तर विद्युत आपूर्ति के निर्देश

जहाँ एक तरफ पूरे देश में कोयले की कमी के कारण बिजली की आपूर्ति में बढ़ा के आसार नज़र आ रहे हैं वहीँ हालात के मद्देनज़र उत्तर प्रदेश में विद्युत् प्रणाली की समीक्षा के लिए में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने एक समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सायं 06 बजे से प्रातः 07 बजे तक निरन्तर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि वर्तमान समय पर्वों एवं त्योहारों का है। प्रदेशवासी नवरात्रि का पर्व हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। विभिन्न स्थलों पर रामलीला आदि का आयोजन किया जा रहा है। ऐसे समय में रात्रि में निर्बाध विद्युत आपूर्ति आवश्यक है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश में विद्युत व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। सभी मण्डलायुक्त, जिलाधिकारी, ए.डी.जी., बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक में सम्मिलित हुए। उन्होंने यू.पी.पी.सी.एल. के चेयरमैन को प्रदेश में विद्युत संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति के सम्बन्ध में गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्युत संयंत्रों को पर्याप्त कोयला आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक उपभोक्ता बिजली के बिल का भुगतान करना चाहता है। त्रुटिपूर्ण विद्युत बिलों से उपभोक्ता परेशान होता है, जिससे विद्युत बिल का कलेक्शन प्रभावित होता है। त्रुटिपूर्ण विद्युत बिलों के कारण उपभोक्ता को परेशानी नहीं होनी चाहिए। एग्रीमेण्ट के अनुसार कार्य न करने वाली विद्युत बिलिंग एजेंसियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। ऐसी एजेंसियों की सिक्योरिटी जब्त की जाए, उनके विरुद्ध प्राथमिकी कराने के साथ ही ब्लैक लिस्ट भी किया जाए।

मुख्यमंत्री ने विद्युत बिलों के सम्बन्ध में शीघ्र ही एकमुश्त समाधान योजना (ओ.टी.एस.) लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खराब ट्रांसफार्मर्स को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ग्रामीण इलाकों में 48 तथा शहरी क्षेत्रों में 24 घण्टों में आवश्यक रूप से बदला जाए। बदले गए ट्रांसफार्मर की गुणवत्ता भी परखी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रांसफार्मर्स की क्षमता वृद्धि के सम्बन्ध में पूर्व में लागू व्यवस्था को पुनः क्रियान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को दी जाने वाली सब्सिडी के सम्बन्ध में तत्काल कार्यवाही की जाए। ट्यूबवेल के कनेक्शन समयबद्ध ढंग से प्रदान किए जाएं। जिस किसी किसान ने ट्यूबवेल के कनेक्शन के सम्बन्ध में भुगतान कर दिया है, उन्हें तत्काल विद्युत कनेक्शन प्रदान कर दिए जाएं। ऐसे मामलों को लम्बित न रखा जाए। सौभाग्य योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभार्थियों के विद्युत बिलों में गड़बड़ी के मामलों का तत्काल समाधान कराया जाए।

मुख्यमंत्री ने पूर्वांचल, मध्यांचल, दक्षिणांचल, पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगमों तथा केस्को के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विद्युत व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी विद्युत वितरण निगमों को विद्युत व्यवस्था सुचारु बनाए रखने तथा लाइन लॉस को कम करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में दिए गए निर्देशों के सम्बन्ध में सभी विद्युत वितरण निगमों के प्रबन्ध निदेशक फीडर स्तर पर जवाबदेही तय कर कार्य करें। यू.पी.पी.सी.एल. के चेयरमैन के स्तर पर प्रतिदिन इनकी समीक्षा विद्युत वितरण निगमवार होनी चाहिए। हर दूसरे दिन अपर मुख्य सचिव ऊर्जा द्वारा प्रगति की समीक्षा की जाए तथा रिपोर्ट ऊर्जा मंत्री को उपलब्ध करायी जाए।

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