योगी आदित्यनाथ IIT कानपुर के ‘कोविड संग्राम, यूपी माॅडल: नीति, युक्ति, परिणाम’ का किया विमोचन

योगी आदित्यनाथ IIT कानपुर के ‘कोविड संग्राम, यूपी माॅडल: नीति, युक्ति, परिणाम’ का किया विमोचन

कोरोना महामारी के सशक्त प्रबंधन में उत्तर प्रदेश की आज सम्पूर्ण विश्व में प्रशंसा हो रही है। विशेषज्ञ यूपी मॉडल की बातें कर रहे हैं। ऐसे में ये बहुत लाज़मी हो जाता है की उत्तर प्रदेश की इस बड़ी सफलता का तथ्यों से परिपूर्ण अध्ययन सभी के सामने लाया जाए।

कोरोना महामारी के सशक्त प्रबंधन में उत्तर प्रदेश की आज सम्पूर्ण विश्व में प्रशंसा हो रही है। विशेषज्ञ यूपी मॉडल की बातें कर रहे हैं। ऐसे में ये बहुत लाज़मी हो जाता है की उत्तर प्रदेश की इस बड़ी सफलता का तथ्यों से परिपूर्ण अध्ययन सभी के सामने लाया जाए।

इसके लिए देश के सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में से एक IIT Kanpur ने एक गहन अध्ययन किया। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक समारोह में आई.आई.टी कानपुर के ‘कोविड संग्राम, यूपी माॅडल: नीति, युक्ति, परिणाम’ का विमोचन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा, मार्गदर्शन और इंटरएक्शन से उत्तर प्रदेश में कोविड प्रबंधन के कार्य को सफलतापूर्वक सम्पादित किया गया है।

प्रधानमंत्री के ‘04 टी’ के मंत्र-ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट एण्ड टीका‘’ से सबसे बड़ी आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री , केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तथा नीति आयोग के दिशा-निर्देशों का उत्तर प्रदेश ने अक्षरशः पालन करते हुए कोरोना संक्रमण के नियंत्रण की कार्यवाही को आगे बढ़ाया। इसके कारण प्रदेश सरकार ने तमाम चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना करते हुये कोविड प्रबन्धन का बेहतरीन माॅडल प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री ने लोक भवन में उत्तर प्रदेश के सफल कोविड प्रबंधन पर आईआईटी कानपुर के अध्ययन ‘कोविड संग्राम, यूपी माॅडल: नीति, युक्ति, परिणाम’ का विमोचन किया। ये अध्ययन आई.आई.टी कानपुर के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो। मणीन्द्र अग्रवाल के अगुवाई में किया गया। इस अध्ययन के निष्कर्षों के अनुसार यूपी मॉडल से अनेक लाभ हुए।

यूपी माॅडल के तहत संक्रमण को नियंत्रित करने में जहां प्रभावी सफलता मिली, वहीं दूसरी ओर आर्थिक गतिविधियों की निरन्तरता भी बनी रही। इसके अलावा, अन्य राज्यों से प्रदेश में बड़ी संख्या में आये प्रवासी कामगारों और श्रमिकों के साथ-साथ स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी उपलब्ध हुआ।

मुख्यमंत्री ने तथ्यों पर आधारित इस अध्ययन के लिए प्रो मणिन्द्र अग्रवाल तथा उनकी टीम की सराहना करते हुए कहा कि कोविड नियंत्रण के लिए प्रदेश में किए गये प्रयासों का यह डाॅक्यूमेंटेशन भविष्य में ऐसी परिस्थितियों से निपटने में अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने इस अध्ययन की प्रतियां जनप्रतिनिधियों, शासन-प्रशासन के साथ-साथ केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तथा विभिन्न राज्यों को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि कोरोना की प्रथम लहर के दौरान जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय ने संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए प्रदेश में अपनाये गये मॉडल का अध्ययन किया था अब आई.आई.टी. कानपुर द्वारा प्रदेश के कोविड प्रबंधन पर अध्ययन किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को बेहद मजबूत किया है। पहले देश में केवल एक एम्स था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने देश को 06 एम्स दिये। अब प्रधानमंत्री मोदी ने एम्स की संख्या 06 से बढ़ाकर 22 कर दी। पिछले 07 वर्षाें में देश में 22 एम्स निर्माणाधीन हैं। उन्होंने कहा कि ‘प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ के अन्तर्गत प्रदेश में विभिन्न मेडिकल काॅलेज निर्मित कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश एक बड़ी आबादी का राज्य है। 1947 से 2016-17 तक उत्तर प्रदेश में मात्र 12 से 15 मेडिकल काॅलेज बन पाये थे। आज राज्य के 59 जनपदों में सरकारी अथवा प्राइवेट मेडिकल काॅलेज का अच्छा हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने में प्रदेश सरकार सफल हुई है। शेष 16 जनपदों में पी.पी.पी. मोड पर मेडिकल काॅलेज की स्थापना कर हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का 05 साल का कार्यकाल पूर्ण होने तक प्रदेश के सभी 75 जनपदों में 01 मेडिकल काॅलेज अवश्य होगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सुदृढ़ हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर की अहमियत यह है कि प्रधानमंत्री जी द्वारा हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर देने के कारण ही हम कोरोना जैसी वैश्विक महामारी को नियंत्रित करने में सफल हुए। आज उत्तर प्रदेश में कोरोना के उपचार के लिये आवश्यक मैनपावर सहित 01 लाख 80 हजार बेड्स की उपलब्धता सुनिश्चित करायी गयी हैं।

कोरोना की प्रथम लहर के प्रारम्भ में प्रदेश में कोविड जैसी जांच की कोई सुविधा नहीं थी। के.जी.एम.यू., लखनऊ में प्रदेश में पहली जांच प्रयोगशाला स्थापित की गयी। आज प्रदेश में 04 लाख कोविड टेस्ट प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित हो चुकी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना को नियंत्रित करने में सभी विभागों ने मिलकर कार्य किया। यह एक टीम वर्क की भावना से ही संभव हो सका। इसके लिए राज्य सरकार ने कोविड की प्रथम लहर में टीम-11 और द्वितीय लहर में टीम-9 का गठन किया। 25 मार्च, 2020 से मुख्यमंत्री जी लगभग प्रतिदिन इस टीम की बैठक के माध्यम से सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना कालखंड में अनेक चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया। लॉकडाउन लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश में 40 लाख से अधिक प्रवासी कामगार और श्रमिक आये। इन्हें घरों तक सुरक्षित पहुंचाया गया। कोटा (राजस्थान) में कोचिंग कर रहे प्रदेश के 15,000 छात्र-छात्राओं तथा प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे 15,000 प्रतियोगी छात्रों को उनके घर सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था की गयी।

इसी दौरान प्रवासी कामगारों और श्रमिकों की स्किल मैपिंग करते हुए उनके लिये रोजगार का प्रबन्ध किया गया। परम्परागत उद्यम के साथ-साथ उनके लिये प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये गये। बैंकों के माध्यम से लोन की व्यवस्था की गयी। यह सभी कार्य अलग-अलग विभागों द्वारा एक साथ संचालित किये गये।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान जब ऑक्सीजन की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई, तब प्रयास इस संकट सेनिपटने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किये गए। इसके लिये गृृह विभाग के नेतृत्व में एक टीम गठित कर ऑक्सीजन की सुचारू आपूर्ति के प्रबन्ध किये गये। ऑक्सीजन के ऑडिट की व्यवस्था भी करायी गयी।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को पीएम केयर्स फण्ड के माध्यम से 127 ऑक्सीजन प्लाण्ट उपलब्ध कराये गए। इनमें से 124 प्लाण्ट प्रदेश के विभिन्न मेडिकल काॅलेजों और अस्पतालों में लगाये जा चुके हैं। प्रदेश में लगभग साढ़े पांच सौ ऑक्सीजन प्लाण्ट स्थापित होने हैं, जिनमें से 497 प्लाण्ट अब तक स्थापित किये जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना की पहली लहर में लाॅकडाउन के कारण उद्योग धन्धे दो महीने के लिये बन्द किये गये थे। प्रधानमंत्री जी के जीवन और जीविका, दोनों को बचाने के मंत्र के अनुरूप, दूसरी लहर में उद्योग धन्धों तथा कार्यालयों को बन्द न करने का निर्णय लिया। यह व्यवस्था की गयी कि सभी जगह कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किये जाएं।

10 से कम कर्मचारी वाले उद्यमों में कोविड हेल्प डेस्क स्थापित कराते हुये इनमें इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सी मीटर तथा आवश्यकतानुसार ऑक्सीजन कन्सन्ट्रेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करायी गयी। 10 से 25 कर्मियों वाली इकाइयों में कम से कम 02 बेड का कोविड केयर सेन्टर स्थापित कराया गया। यह कार्य अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग तथा एम.एस.एम.ई. विभाग की देखरेख में सम्पन्न हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश के लगभग 40 जनपदों में कोरोना का एक भी एक्टिव केस नहीं है। आज 38 जनपद ऐसे है जहां एक भी कोविड पॉजिटिव का केस नहीं आया। लगभग एक दर्जन जो नये केस सामने आये हैं, जो वह अन्य राज्यों से आये हुए लोगों से सम्बन्धित हैं।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में 72 हजार निगरानी समितियां गठित की गयीं हैं। ग्रामीण क्षेत्र में हर ग्राम पंचायत में निगरानी समिति का गठन हुआ है। प्रत्येक ग्राम पंचायत में 11 से 12 सदस्यीय निगरानी समिति की टीम कार्य कर रही है। प्रत्येक टीम में आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा वर्कर, ए0एन0एम0, ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, राजस्वकर्मी, ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज कर्मी शामिल हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संक्रमण की सम्भावित तीसरी लहर से निपटने के लिये समय से तैयारियां प्रारम्भ कर दी गयी। इसके लिये एक विशेषज्ञ समिति गठित की गयी। गांव-गांव और हर मोहल्ले तक विभिन्न आयुवर्ग के अनुरूप बच्चों को निगरानी समितियों के माध्यम से मेडिसिन किट वितरित करने का कार्य किया गया। यह कार्य आज भी संचालित हो रहा है। स्वच्छता, सैनिटाइजेशन, फाॅगिंग, शुद्ध पेयजल की आपूर्ति आदि कार्य भी कराये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब तक 08 करोड़ से अधिक कोविड टेस्ट किये गये तथा 11 करोड़ 50 लाख से अधिक लोगों को कोविड की वैक्सीन लगायी जा चुकी है।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पुस्तक कोविड संग्राम, यूपी माॅडल के लेखक प्रो0 मणिन्द्र अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने उचित प्रबन्धन एवं समन्वित प्रयासों से वैश्विक महामारी कोरोना को नियंत्रित करने में सफलता पायी है।

इस अवसर पर चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुरेश कुमार खन्ना, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्री अतुल गर्ग, नीति आयोग के सदस्य डाॅ विनोद पाॅल, मुख्य सचिव श्री आर.के. तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं एम.एस.एम.ई. श्री नवनीत सहगल सहित टीम-09 के अन्य सदस्य, आई.आई.टी. कानपुर के निदेशक प्रो। अभय करंदीकर तथा सूचना निदेशक श्री शिशिर उपस्थित थे।

Keep up with what Is Happening!

Related Stories

No stories found.