उत्तराखंड: चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य अपने विधायक बेटे संजीव के साथ कांग्रेस में शामिल

समाज कल्याण मंत्री व बाजपुर से विधायक यशपाल आर्य व उने बेटे संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक है। दोनों ने 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा था।
उत्तराखंड: चुनाव से पहले भाजपा को बड़ा झटका, परिवहन मंत्री यशपाल आर्य अपने विधायक बेटे संजीव के साथ कांग्रेस में शामिल

उत्तराखंड में तेजी से सियासी घटनाक्रम बदल रहा है। 2017 में विधानसभा चुनाव में भाजपा में शामिल होने वाले कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य व विधायक संजीव आर्य आज कांग्रेस में शामिल हो गए। राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की उपस्थिति में प्रेस कांफ्रेंस करके विधिवत कांग्रेस की सदस्यता ली। कांग्रेस चुनाव अभियान अध्यक्ष हरीश रावत भी मौके पर मौजूद रहे। हरदा के दलित सीएम उम्मीदवार की घोषणा से राजनीतिक गलियारे में इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई थी।

समाज कल्याण मंत्री व बाजपुर से विधायक यशपाल आर्य व उने बेटे संजीव आर्य नैनीताल विधानसभा सीट से विधायक है। दोनों ने 2017 में कांग्रेस छोड़ भाजपा का दामन थामा था। तब भाजपा ने दोनों को प्रत्याशी भी बनाया था। दोनों ने जीत दर्ज की थी इसके बाद भाजपा सरकार ने यशपाल आर्य को कैबिनेट मंत्री बनाया। अब 2022 के विधानसभा चुनाव होने हैं इसके लिए राज्य में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदल रहे हैं। हालांकि पिता-पुत्र के कांग्रेस में शामिल होने के कार्यक्रम पूरी तरह गोपनीय रखा गया था।

गणेश गोदियाल और हरीश रावत भी दिल्ली में

दिल्ली में कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव की उपस्थिति में प्रेस वार्ता में यशपाल और संजीव आर्य ने वापसी की। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पूर्व सीएम हरीश रावत भी मौजूद रहे।

दो कांग्रेसी व एक निदर्लयी भाजपा में हुए हैं शामिल

राज्य में पिछले कुछ समय से दल-बदल का खेल चरम है। गढ़वाल मंडल से कांग्रेस विधायक राजकुमार व प्रीतम सिंह पवार के बाद कुमाऊं मंडल से निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा ने भाजपा का दामन थाम लिया है। इस समय कैड़ा भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत बड़े नेताओं से मुलाकात में लगे हुए हैं। जहां भाजपा तमाम विधायकों को अपने पाले में कर राज्य में सियासी माहौल को अपने पक्ष में करने में जुटी है। वहीं कांग्रेस ने भी अंदरूनी स्तर पर भाजपा के बड़े नेताओं को अपने पाले में करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। राज्य के इस तरह के सियासी हालात से आने वाले समय में चुनाव बेहद दिलचस्प हो जाएंगे।

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